ओलावृष्टि से नैनीताल में दिखा बर्फबारी सा नजारा, सड़कों पर बिछ गई सफेद चादर, तस्वीरें…

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गुरुवार को नैनीताल में आधा घंटे तक हुई लगातार बारिश और ओलावृष्टि से माल रोड समेत सभी सड़कें ओलों से पट गईं। ओलावृष्टि इतनी भारी मात्रा में थी कि बर्फबारी जैसा नजारा दिखा। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को खासी दिक्कतें हुईं। जिले के अधिकांश पर्यटक स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहा।

अल्मोड़ा में भी बारिश से तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई। बागेश्वर जिले में शीतकाल की पहली बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का पहला हिमपात होने से दिन भर ठंड रही।  भाबर और तराई में कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। ऊधमसिंह नगर जिले में कुल 11.8 एमएम बारिश हुई।

धारचूला और मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर हिमपात के साथ कुमाऊं भर में कहीं रिमझिम तो कहीं ओलों के साथ झमाझम बारिश से पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन बढ़ गई है। कुमाऊंभर में दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश को फसलों के लिए लाभप्रद बताया जा रहा है।

बृहस्पतिवार सुबह से ही कुमाऊं के छह जिलों पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में बारिश के आसार नजर आने लगे थे। मुनस्यारी के हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली और छिपलाकेदार और धारचूला के गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, कुटी, कौसानी और ग्वालदम में ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। मुनस्यारी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सीमांत जिले में रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। काफी समय से बारिश नहीं होने से गेहूं की बढ़वार पर असर पड़ रहा था। किसान फसल की बुवाई के बाद से ही बारिश की आस लगाए थे। पिथौरागढ़ के कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि बारिश से खेतों में नमी बनी रहेगी जो कि गेहूं की बढ़वार के लिए बेहद लाभकारी है।

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